श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 143
 
 
श्लोक  3.7.143 
’গদাধর, গদাধর’, ডাকে গৌরচন্দ্র
সম্ভ্রমে গদাধর বন্দে পদ-দ্বন্দ্ব
’गदाधर, गदाधर’, डाके गौरचन्द्र
सम्भ्रमे गदाधर वन्दे पद-द्वन्द्व
 
 
अनुवाद
तब गौरचन्द्र ने पुकारा, “गदाधर! गदाधर!” और गदाधर शीघ्रता से आये और भगवान को प्रणाम किया।
 
Then Gaurachandra called out, "Gadadhar! Gadadhara!" And Gadadhara quickly came and bowed down to the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)