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श्लोक 3.7.141  |
গোপীনাথ-অগ্রে নিঞা ভোগ লাগাই
লাহেন-কালে গৌরচন্দ্র আসিযা মিলিলা |
गोपीनाथ-अग्रे निञा भोग लागाइ
लाहेन-काले गौरचन्द्र आसिया मिलिला |
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| अनुवाद |
| जैसे ही उन्होंने गोपीनाथ को भोजन कराया, श्री गौरचन्द्र वहाँ आ पहुँचे। |
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| As soon as he fed Gopinath, Shri Gaurchandra arrived there. |
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