श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 140
 
 
श्लोक  3.7.140 
তার এক ব্যঞ্জন করিলা অম্ল-নাম
রন্ধন করিলা গদাধর ভাগ্যবান্
तार एक व्यञ्जन करिला अम्ल-नाम
रन्धन करिला गदाधर भाग्यवान्
 
 
अनुवाद
तब भाग्यशाली गदाधर ने इससे खट्टी सब्जी बनाई।
 
Then the lucky Gadhdhar made a sour vegetable from it.
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