श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 119
 
 
श्लोक  3.7.119 
অন্যো’ন্যে দুই প্রভু করে নমস্কার
অন্যো’ণ্যে দোঙ্হে বলে মহিমা দুঙ্হার
अन्यो’न्ये दुइ प्रभु करे नमस्कार
अन्यो’ण्ये दोङ्हे बले महिमा दुङ्हार
 
 
अनुवाद
फिर दोनों प्रभुओं ने एक दूसरे को प्रणाम किया और एक दूसरे की स्तुति की।
 
Then both the lords bowed to each other and praised each other.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)