श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 109
 
 
श्लोक  3.7.109 
নিত্যানন্দ দেখি’, যত জগন্নাথ-দাস
সবার জন্মিল অতি-পরম-উল্লাস
नित्यानन्द देखि’, यत जगन्नाथ-दास
सबार जन्मिल अति-परम-उल्लास
 
 
अनुवाद
भगवान जगन्नाथ के सभी सेवक नित्यानंद को देखकर प्रसन्न हो गए।
 
All the servants of Lord Jagannath were delighted to see Nityananda.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)