श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 108
 
 
श्लोक  3.7.108 
সবার গলার মালা ব্রাহ্মণে আনিঞা
পুনঃ পুনঃ দেন সবে প্রভাব জানিঞা
सबार गलार माला ब्राह्मणे आनिञा
पुनः पुनः देन सबे प्रभाव जानिञा
 
 
अनुवाद
नित्यानन्द के प्रभाव को समझकर ब्राह्मणों ने उन्हें बार-बार भगवान की माला पहनाई।
 
Understanding the influence of Nityananda, the Brahmins repeatedly made him wear the garland of God.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)