श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  3.6.83 
হিরণ্যকশিপু জগতের দ্রোহ করে
দেব-দেহ ছাডি’ জন্মিলেন তার ঘরে
हिरण्यकशिपु जगतेर द्रोह करे
देव-देह छाडि’ जन्मिलेन तार घरे
 
 
अनुवाद
"हिरण्यकशिपु ने समस्त ब्रह्माण्ड को कष्ट पहुँचाया। इन छहों ने देवताओं का शरीर त्यागकर उसके घर जन्म लिया।
 
"Hiranyakashipu caused suffering to the entire universe. These six, having given up the bodies of gods, were born in his house.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)