श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  3.6.45 
সর্ব-জগতের পিতা-তুমি দুই-জন
মুঞি জানোঙ্ তুমি-দুই পরম-কারণ
सर्व-जगतेर पिता-तुमि दुइ-जन
मुञि जानोङ् तुमि-दुइ परम-कारण
 
 
अनुवाद
"आप दोनों समस्त ब्रह्माण्डों के पिता हैं। मैं जानता हूँ कि आप दोनों समस्त कारणों के कारण हैं।"
 
"You both are the fathers of all universes. I know that you both are the cause of all causes."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)