श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.6.22 
’বড-লোক’ বলি’ তাঙ্রে বলে সর্ব-জনে
তথাপি আশ্রমাচার না করেন কেনে
’बड-लोक’ बलि’ ताङ्रे बले सर्व-जने
तथापि आश्रमाचार ना करेन केने
 
 
अनुवाद
“सब कहते हैं कि वह एक महान व्यक्ति हैं, लेकिन फिर वह अपने आश्रम के अनुसार आचरण क्यों नहीं करते?
 
“Everyone says he is a great man, but then why doesn't he behave according to his ashram?
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