श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.6.2 
হেন-মতে মহাপ্রভু নিত্যানন্দ-চন্দ্র
সর্ব-দাস-সহ করে কীর্তন-আনন্দ
हेन-मते महाप्रभु नित्यानन्द-चन्द्र
सर्व-दास-सह करे कीर्तन-आनन्द
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भगवान नित्यानन्द चन्द्र ने अपने सभी सेवकों के साथ कीर्तन का आनन्द लिया।
 
Thus Lord Nityananda Chandra enjoyed the kirtan with all His servants.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)