श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 136
 
 
श्लोक  3.6.136 
’সে আমার প্রভু, আমি জন্ম জন্ম দাস’
সবার চরণে মোর এই অভিলাষ
’से आमार प्रभु, आमि जन्म जन्म दास’
सबार चरणे मोर एइ अभिलाष
 
 
अनुवाद
वे मेरे स्वामी हैं और मैं जन्म-जन्मान्तर तक उनका दास हूँ। सबके चरणों में मेरी यही अभिलाषा है।
 
He is my master, and I am his slave for life after life. This is my desire at everyone's feet.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)