श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 120
 
 
श्लोक  3.6.120 
চল বিপ্র, তুমি শীঘ্র নবদ্বীপে যাও
এই কথা কহি’ তুমি সবারে বুঝাও
चल विप्र, तुमि शीघ्र नवद्वीपे याओ
एइ कथा कहि’ तुमि सबारे बुझाओ
 
 
अनुवाद
हे ब्राह्मण! शीघ्र ही नवद्वीप जाओ। ये बातें इस प्रकार समझाओ कि सब समझ जाएँ।
 
O Brahmin, go quickly to Navadvipa. Explain these things in a way that everyone can understand.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)