श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 118
 
 
श्लोक  3.6.118 
তাঙ্হার আচার—বিধি-নিষেধের পার
তাঙ্হারে জানিতে শক্তি আছযে কাহার
ताङ्हार आचार—विधि-निषेधेर पार
ताङ्हारे जानिते शक्ति आछये काहार
 
 
अनुवाद
"उसका आचरण सभी नियमों और विनियमों से परे है। उसे समझने की शक्ति किसमें है?
 
"His conduct transcends all rules and regulations. Who has the power to understand him?
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