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श्लोक 3.6.118  |
তাঙ্হার আচার—বিধি-নিষেধের পার
তাঙ্হারে জানিতে শক্তি আছযে কাহার |
ताङ्हार आचार—विधि-निषेधेर पार
ताङ्हारे जानिते शक्ति आछये काहार |
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| अनुवाद |
| "उसका आचरण सभी नियमों और विनियमों से परे है। उसे समझने की शक्ति किसमें है? |
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| "His conduct transcends all rules and regulations. Who has the power to understand him? |
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