श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.6.1 
জয জয গৌরচন্দ্র জয নিত্যানন্দ
জয জয প্রভুর যতেক ভক্ত-বৃন্দ
जय जय गौरचन्द्र जय नित्यानन्द
जय जय प्रभुर यतेक भक्त-वृन्द
 
 
अनुवाद
गौरचन्द्र की जय हो! नित्यानंद की जय हो! भगवान के भक्तों की जय हो!
 
Victory to Gaurachandra! Victory to Nityananda! Victory to the devotees of the Lord!
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)