माधव घोष के वर्णन के लिए, चैतन्य-चरितामृत, आदि-लीला, अध्याय ग्यारह, पाठ 15 और उसके अनुभाष्य कमेंट्री देखें।वासुदेव घोष के वर्णन के लिए, चैतन्य-चरितामृत, आदि-लीला, अध्याय ग्यारह, पाठ 15 और उसके अनुभाष्य कमेंट्री देखें।