श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 743
 
 
श्लोक  3.5.743 
উদ্ধারণ-দত্ত—মহা-বৈষ্ণব উদার
নিত্যানন্দ-সেবায যাঙ্হার অধিকার
उद्धारण-दत्त—महा-वैष्णव उदार
नित्यानन्द-सेवाय याङ्हार अधिकार
 
 
अनुवाद
उद्धारण दत्त एक महान उदार वैष्णव थे। वे नित्यानंद की सेवा के लिए योग्य थे।
 
Uddharana Datta was a very generous Vaishnava. He was worthy of serving Nityananda.
तात्पर्य
उद्धारण दत्त के विवरण के लिए, चैतन्य-चरितामृत, आदि-लीला, अध्याय ग्यारह, पाठ 41 और उस पर अनुभाष्य भाष्य देखें।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)