श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 739
 
 
श्लोक  3.5.739 
রাঢে জন্ম মহাশয দ্বিজ-কৃষ্ণদাস
নিত্যানন্দ-পারিষদে যাঙ্হার বিলাস
राढे जन्म महाशय द्विज-कृष्णदास
नित्यानन्द-पारिषदे याङ्हार विलास
 
 
अनुवाद
द्विज कृष्णदास महाशय का जन्म राधा-देश में हुआ था। उन्हें नित्यानंद के सहयोगियों की संगति का आनंद मिला।
 
Dwija Krishnadasa Mahasaya was born in Radha-desa. He enjoyed the company of Nityananda's associates.
तात्पर्य
द्विज कृष्णदास के वर्णन के लिए, चैतन्य-चरितामृत, आदि-लीला, अध्याय ग्यारह, पाठ 36 और उस पर अनुभाष्य टीका देखें।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)