श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 722
 
 
श्लोक  3.5.722 
পরম পার্ষদ—রামদাস মহাশয
নিরবধি ঈশ্বর-ভাবে সে কথা কয
परम पार्षद—रामदास महाशय
निरवधि ईश्वर-भावे से कथा कय
 
 
अनुवाद
उनके प्रमुख सहयोगी रामदास महाशय थे, जो सदैव भगवान की भावना से बोलते थे।
 
His chief associate was Ramdas Mahasaya, who always spoke in the spirit of God.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)