श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  3.5.72 
সত্য সেবিলেন চৈতন্যেরে শ্রীনিবাস
যাঙ্র ঘরে চৈতন্যের সকল বিলাস
सत्य सेविलेन चैतन्येरे श्रीनिवास
याङ्र घरे चैतन्येर सकल विलास
 
 
अनुवाद
श्रीनिवास ने सच्चे मन से भगवान चैतन्य की सेवा की, क्योंकि भगवान चैतन्य ने अपनी लीलाएँ उनके घर में ही की थीं।
 
Srinivasa served Lord Chaitanya with a true heart, because Lord Chaitanya performed His pastimes in his house.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)