श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 716
 
 
श्लोक  3.5.716 
সবার সৌন্দর্য যেন অভিন্ন মদন
নিরবধি সবেই করেন সঙ্কীর্তন
सबार सौन्दर्य येन अभिन्न मदन
निरवधि सबेइ करेन सङ्कीर्तन
 
 
अनुवाद
उनकी सुन्दरता कामदेव के समान थी और वे सदैव संकीर्तन किया करते थे।
 
His beauty was like that of Kamadeva and he always used to perform Sankirtan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)