श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 714
 
 
श्लोक  3.5.714 
বেত্র বṁশী সিঙ্গা ছাঙ্দ-দডি গুঞ্জা-হার
তাড খাডু হাতে, পাযে নূপুর সবার
वेत्र वꣳशी सिङ्गा छाङ्द-दडि गुञ्जा-हार
ताड खाडु हाते, पाये नूपुर सबार
 
 
अनुवाद
वे लाठी, बांसुरी, सींग और रस्सियाँ लेकर चलते थे, वे गुंजा के हार पहनते थे, और वे अपनी कलाइयों को चूड़ियों और कंगनों से तथा अपने टखनों को घुंघरूओं से सजाते थे।
 
They carried sticks, flutes, horns, and ropes, they wore necklaces of gunja, and they adorned their wrists with bangles and bracelets and their ankles with bells.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)