vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ
»
श्लोक 707
श्लोक
3.5.707
হেন-মতে নিত্যানন্দ পরম-কৌতুকে
বিহরেন অভয-পরমানন্দ-সুখে
हेन-मते नित्यानन्द परम-कौतुके
विहरेन अभय-परमानन्द-सुखे
अनुवाद
इस प्रकार नित्यानंद ने निर्भयतापूर्वक और प्रसन्नतापूर्वक अपनी लीलाओं का आनंद लिया।
Thus Nityananda fearlessly and happily enjoyed his pastimes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×