श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 705
 
 
श्लोक  3.5.705 
যে শুনযে নিত্যানন্দ-প্রভুর আখ্যান
তাহারে মিলিব গৌরচন্দ্র ভগবান্
ये शुनये नित्यानन्द-प्रभुर आख्यान
ताहारे मिलिब गौरचन्द्र भगवान्
 
 
अनुवाद
जो नित्यानंद प्रभु की कथा सुनता है, वह भगवान गौरचंद्र के चरणकमलों को प्राप्त करता है।
 
One who listens to the story of Nityananda Prabhu attains the lotus feet of Lord Gaurachandra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)