श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 688
 
 
श्लोक  3.5.688 
যত সব দস্যু-চোর ডাকিযা আনিযা
ধর্ম-পথে সবারে লওযাও তুমি গিযা”
यत सब दस्यु-चोर डाकिया आनिया
धर्म-पथे सबारे लओयाओ तुमि गिया”
 
 
अनुवाद
“आपको सभी बदमाशों और डाकुओं को एक साथ इकट्ठा करना चाहिए और उन्हें धार्मिक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना चाहिए।”
 
“You should gather all the scoundrels and bandits together and inspire them to lead a religious life.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)