श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 678
 
 
श्लोक  3.5.678 
শুনিযা সবার হৈল মহাশ্চর্য-জ্ঞান
ব্রাহ্মণের প্রতি সবে করেন প্রণাম
शुनिया सबार हैल महाश्चर्य-ज्ञान
ब्राह्मणेर प्रति सबे करेन प्रणाम
 
 
अनुवाद
जब सभी ने यह सुना तो वे आश्चर्यचकित रह गए। फिर सभी ने ब्राह्मण को प्रणाम किया।
 
When everyone heard this, they were astonished. Then everyone bowed to the Brahmin.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)