श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 677
 
 
श्लोक  3.5.677 
কহিযা কহিযা দ্বিজ কান্দে ঊর্দ্ধ্বরায
হেন লীলা করে প্রভু অবধূত-রায
कहिया कहिया द्विज कान्दे ऊर्द्ध्वराय
हेन लीला करे प्रभु अवधूत-राय
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण यह कहते हुए ज़ोर से चिल्लाया। अवधूत नित्यानन्द प्रभु की लीलाएँ ऐसी ही हैं।
 
The Brahmin shouted loudly, saying, "Such are the pastimes of Avadhoot Nityananda Prabhu."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)