vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ
»
श्लोक 677
श्लोक
3.5.677
কহিযা কহিযা দ্বিজ কান্দে ঊর্দ্ধ্বরায
হেন লীলা করে প্রভু অবধূত-রায
कहिया कहिया द्विज कान्दे ऊर्द्ध्वराय
हेन लीला करे प्रभु अवधूत-राय
अनुवाद
ब्राह्मण यह कहते हुए ज़ोर से चिल्लाया। अवधूत नित्यानन्द प्रभु की लीलाएँ ऐसी ही हैं।
The Brahmin shouted loudly, saying, "Such are the pastimes of Avadhoot Nityananda Prabhu."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×