vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ
»
श्लोक 665
श्लोक
3.5.665
একেক পদাতিক যেন মত্ত-হস্তি-প্রায
আজানু-লম্বিত মালা সবার গলায
एकेक पदातिक येन मत्त-हस्ति-प्राय
आजानु-लम्बित माला सबार गलाय
अनुवाद
"हर सैनिक पागल हाथी जितना शक्तिशाली था। उन सभी के गले में घुटनों तक पहुँचती हुई मालाएँ थीं।
"Each soldier was as powerful as a mad elephant. They all had garlands around their necks that reached down to their knees.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×