श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 662
 
 
श्लोक  3.5.662 
সে-দিন নিদ্রায প্রভু, মোহিলা সবারে
তোমার মাযায নাহি জানিলুঙ্ তোমারে
से-दिन निद्राय प्रभु, मोहिला सबारे
तोमार मायाय नाहि जानिलुङ् तोमारे
 
 
अनुवाद
हे प्रभु, उस रात आपने हमें नींद से मोहित कर दिया, किन्तु आपकी माया के कारण मैं आपको समझ नहीं सका।
 
O Lord, that night You mesmerized us with sleep, but because of Your illusion I could not understand You.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)