श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 653
 
 
श्लोक  3.5.653 
কি দেখিলা, কি শুনিলা কৃষ্ণ-অনুভব
কিছু চিন্তা নাহি, অকপটে কহ সব”
कि देखिला, कि शुनिला कृष्ण-अनुभव
किछु चिन्ता नाहि, अकपटे कह सब”
 
 
अनुवाद
"क्या तुमने कुछ ऐसा देखा या सुना जिससे तुम्हें कृष्ण का साक्षात्कार हुआ? चिंता मत करो, सब कुछ खुलकर बताओ।"
 
"Did you see or hear anything that made you realize Krishna? Don't worry, tell everything openly."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)