श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 640
 
 
श्लोक  3.5.640 
দস্যু-সেনাপতি দ্বিজ কান্দিতে কান্দিতে
নিত্যানন্দ-চরণে আইলা সেই মতে
दस्यु-सेनापति द्विज कान्दिते कान्दिते
नित्यानन्द-चरणे आइला सेइ मते
 
 
अनुवाद
तब डाकुओं का सरदार ब्राह्मण रोता हुआ नित्यानंद के चरणकमलों के पास आया।
 
Then the Brahmin, the leader of the bandits, came crying to the lotus feet of Nityananda.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)