श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 638
 
 
श्लोक  3.5.638 
কত-ক্ষণে পথ দেখি’ সব দস্যু-গণ
মৃত-প্রায হযে সবে করিলা গমন
कत-क्षणे पथ देखि’ सब दस्यु-गण
मृत-प्राय हये सबे करिला गमन
 
 
अनुवाद
इसके कुछ ही देर बाद डकैतों को अपना रास्ता मिल गया और वे लगभग मृत अवस्था में घर लौट आये।
 
Shortly after this the robbers found their way and returned home almost dead.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)