श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 630
 
 
श्लोक  3.5.630 
তথাপি যদ্যপি আমি ব্রহ্মঘ্ন গোবধী
মোর বাডা আর প্রভু নাহি অপরাধী
तथापि यद्यपि आमि ब्रह्मघ्न गोवधी
मोर वाडा आर प्रभु नाहि अपराधी
 
 
अनुवाद
"मैंने ब्राह्मणों और गायों को मारा है। हे प्रभु, मुझसे बड़ा कोई अपराधी नहीं है।
 
"I have killed Brahmins and cows. O Lord, there is no greater criminal than me.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)