जब कोई व्यक्ति गिरता है, तो धरती उसे और नीचे गिरने नहीं देती, बल्कि उसे सहारा देती है।ऐसा कहा गया है:भूमौ स्खलित-पादानां भूमिर एवालम्बनम्त्वयि जातापराधानां त्वम एव शरणं प्रभो"जो ठोकर खाकर गिरते हैं, उनके उठने का आधार केवल भूमि है। ठीक उसी प्रकार, हे भगवान, जो लोग आपका अपराध करते हैं, उनके लिए शरण कोई नहीं है सिवाए आपके।"