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श्लोक 3.5.618  |
কতো-ক্ষণে দস্যু-সেনাপতি যে ব্রাহ্মণ
অকস্মাত্ ভাগ্যে তার হৈল স্মরণ |
कतो-क्षणे दस्यु-सेनापति ये ब्राह्मण
अकस्मात् भाग्ये तार हैल स्मरण |
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| अनुवाद |
| कुछ समय बाद उन डाकुओं के सरदार ब्राह्मण के मन में अचानक किसी सौभाग्य का विचार आया। |
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| After some time, a thought of good fortune suddenly came to the mind of the Brahmin, the leader of those bandits. |
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