श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 597
 
 
श्लोक  3.5.597 
সর্ব নবদ্বীপে করে স্বচ্ছন্দে কীর্তন
স্বচ্ছন্দে করেন ক্রীডা ভোজন শযন
सर्व नवद्वीपे करे स्वच्छन्दे कीर्तन
स्वच्छन्दे करेन क्रीडा भोजन शयन
 
 
अनुवाद
उन्होंने नवद्वीप में स्वतंत्रतापूर्वक कीर्तन किया तथा भोजन और शयन का आनंद लिया।
 
He performed kirtan freely in Navadvipa and enjoyed food and sleep.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)