श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 592
 
 
श्लोक  3.5.592 
নিত্যানন্দ-চরণ ভজযে যে যে জনে
সর্ব-বিঘ্ন খণ্ডে তাহা সবার স্মরণে
नित्यानन्द-चरण भजये ये ये जने
सर्व-विघ्न खण्डे ताहा सबार स्मरणे
 
 
अनुवाद
जो लोग नित्यानंद के चरणकमलों की पूजा करते हैं, उनका स्मरण करने से भी सभी बाधाएं नष्ट हो जाती हैं।
 
Those who worship the lotus feet of Nityananda, even by remembering him all obstacles are destroyed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)