श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 587
 
 
श्लोक  3.5.587 
কোন দিক্ হৈতে কোন রাজার লস্কর
আসিযাছে, তার পদাতিক বহুতর
कोन दिक् हैते कोन राजार लस्कर
आसियाछे, तार पदातिक बहुतर
 
 
अनुवाद
“एक राजा का सेनापति अपने बहुत से सैनिकों के साथ कहीं से आया है।
 
“A king's commander has come from somewhere with many of his soldiers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)