श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 576
 
 
श्लोक  3.5.576 
নিত্যানন্দ-প্রভুবর আছেন শযনে
চতুর্-দিকে ’কৃষ্ণ’ গায সেই সব গণে
नित्यानन्द-प्रभुवर आछेन शयने
चतुर्-दिके ’कृष्ण’ गाय सेइ सब गणे
 
 
अनुवाद
नित्यानंद प्रभु सो रहे थे और वे सैनिक चारों दिशाओं में कृष्ण का नाम जप रहे थे।
 
Nityananda Prabhu was sleeping and those soldiers were chanting the name of Krishna in all four directions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)