श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 572
 
 
श्लोक  3.5.572 
চতুর্-দিকে অস্ত্রধারী পদাতিক-গণ
নিরবধি হরি-নাম করেন গ্রহণ
चतुर्-दिके अस्त्रधारी पदातिक-गण
निरवधि हरि-नाम करेन ग्रहण
 
 
अनुवाद
वे सैनिक सशस्त्र थे, उन्होंने घर को चारों ओर से घेर लिया था, और वे लगातार हरि नाम का जाप कर रहे थे।
 
Those soldiers were armed, they had surrounded the house from all sides, and they were continuously chanting the name Hari.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)