vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ
»
श्लोक 565
श्लोक
3.5.565
যে হৈল সে হৈল চণ্ডীর ইচ্ছায
এক দিন গেলে কি সকল দিন যায
ये हैल से हैल चण्डीर इच्छाय
एक दिन गेले कि सकल दिन याय
अनुवाद
"जो कुछ भी हुआ है, वह कैंडी की इच्छा से हुआ है। हमने सिर्फ़ एक दिन खोया है, लेकिन और भी दिन खोएँगे।"
"Whatever has happened has happened because of Candy's wishes. We have only lost one day, but there will be more."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×