vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ
»
श्लोक 550
श्लोक
3.5.550
চর আসি’ কহিলেক দস্যু-গণ-স্থানে
“ভাত খায অবধূত, জাগে সর্ব-জনে”
चर आसि’ कहिलेक दस्यु-गण-स्थाने
“भात खाय अवधूत, जागे सर्व-जने”
अनुवाद
गुप्तचर ने लौटकर डाकुओं से कहा, "अवधूत भोजन कर रहे हैं, और बाकी सब जाग रहे हैं।"
The spy returned and told the bandits, "The Avadhoot is eating, and everyone else is awake."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×