श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 548
 
 
श्लोक  3.5.548 
রোদন করযে কেহ পরানন্দ-রসে
কেহ করতালি দিযা অট্ট অট্ট হাসে
रोदन करये केह परानन्द-रसे
केह करतालि दिया अट्ट अट्ट हासे
 
 
अनुवाद
कुछ लोग प्रेम के उन्माद में रो पड़े, जबकि अन्य लोग जोर-जोर से हंसे और तालियां बजाईं।
 
Some wept in a frenzy of love, while others laughed loudly and applauded.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)