श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 542
 
 
श्लोक  3.5.542 
ঢাল খাঙ্ডা লৈ’ সবে হও সমবায
আজি গিযা হানা দিব কতক নিশায”
ढाल खाङ्डा लै’ सबे हओ समवाय
आजि गिया हाना दिब कतक निशाय”
 
 
अनुवाद
“अपनी तलवारें और ढालें ​​इकट्ठा करो, क्योंकि आज रात हम उस घर पर छापा मारेंगे।”
 
“Gather your swords and shields, because tonight we will raid that house.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)