श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 535
 
 
श्लोक  3.5.535 
হিরণ্য-পণ্ডিত-নামে এক সুব্রাহ্মণ
সেই নবদ্বীপে বৈসে—মহা-অকিঞ্চন
हिरण्य-पण्डित-नामे एक सुब्राह्मण
सेइ नवद्वीपे वैसे—महा-अकिञ्चन
 
 
अनुवाद
नवद्वीप में हिरण्य पंडित नामक एक योग्य ब्राह्मण रहता था, जिसके पास कोई भौतिक संपत्ति नहीं थी।
 
In Navadvipa there lived a worthy Brahmin named Hiranya Pandit, who had no material possessions.
तात्पर्य
एक योग्य ब्रह्मण के गुणों में से एक है सांसारिक वस्तुओं से विहीन होना।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)