श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 521
 
 
श्लोक  3.5.521 
নবদ্বীপ—যেহেন মথুরা-রাজ
ধানীকত মত লোক আছে, অন্ত নাহি জানি
नवद्वीप—येहेन मथुरा-राज
धानीकत मत लोक आछे, अन्त नाहि जानि
 
 
अनुवाद
नवद्वीप मथुरा की राजधानी जैसा ही है। कोई नहीं जानता था कि वहाँ कितने लोग रहते थे।
 
Navadvipa was like the capital of Mathura. No one knew how many people lived there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)