श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 504
 
 
श्लोक  3.5.504 
নিত্যানন্দ বলে,—“শুন আই, সর্ব-মাতাতোমারে
দেখিতে মুঞি আসিযছোঙ্ হেথা
नित्यानन्द बले,—“शुन आइ, सर्व-मातातोमारे
देखिते मुञि आसियछोङ् हेथा
 
 
अनुवाद
नित्यानंद बोले, "सुनो, माता शची, हे सर्वजनीन! मैं यहाँ आपके दर्शन के लिए आया हूँ।
 
Nityananda said, "Listen, Mother Shachi, O All-Knowing One! I have come here to see you.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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