श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 494
 
 
श्लोक  3.5.494 
হেন মতে দুই প্রভুবর মহারঙ্গে
বিহরেন কৃষ্ণ-কথা-মঙ্গল-প্রসঙ্গে
हेन मते दुइ प्रभुवर महारङ्गे
विहरेन कृष्ण-कथा-मङ्गल-प्रसङ्गे
 
 
अनुवाद
इस प्रकार दोनों प्रभुओं ने भगवान कृष्ण की मंगलमयी बातों का आनन्दपूर्वक आनन्द उठाया।
 
Thus both the Lords happily enjoyed the auspicious words of Lord Krishna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)