श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 491
 
 
श्लोक  3.5.491 
অদ্বৈত সে জ্ঞাতা নিত্যানন্দের প্রভাব
এ মর্ম জানযে কোন কোন মহাভাগ
अद्वैत से ज्ञाता नित्यानन्देर प्रभाव
ए मर्म जानये कोन कोन महाभाग
 
 
अनुवाद
अद्वैत नित्यानंद की महिमा को जानता है, और कुछ भाग्यशाली आत्माएं भी इसे जानती हैं।
 
Advaita knows the glory of Nityananda, and some fortunate souls also know it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)