vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ
»
श्लोक 474
श्लोक
3.5.474
দোঙ্হে দোঙ্হা ধরি’ গডি’ যাযেন অঙ্গনে
দোঙ্হে চাহে ধরিবারে দোঙ্হার চরণে
दोङ्हे दोङ्हा धरि’ गडि’ यायेन अङ्गने
दोङ्हे चाहे धरिबारे दोङ्हार चरणे
अनुवाद
वे एक दूसरे के आलिंगन में ज़मीन पर लोटने लगे और एक दूसरे के पैर पकड़ने की कोशिश करने लगे।
They rolled on the ground in each other's embrace, trying to grab each other's legs.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×