श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 448
 
 
श्लोक  3.5.448 
নিত্যানন্দ প্রভুবর পরম-আনন্দে
সেই ঘাটে স্নান করিলেন সর্ব-বৃন্দে
नित्यानन्द प्रभुवर परम-आनन्दे
सेइ घाटे स्नान करिलेन सर्व-वृन्दे
 
 
अनुवाद
नित्यानंद और उनके सहयोगियों ने बड़े आनंद से इस घाट पर स्नान किया।
 
Nityananda and his associates bathed at this ghat with great joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)